यह एक आयुर्वेदिक सिरप है जिसे विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों के मिश्रण एवं कई वर्षों के अनुसंधान के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना तथा अनेक प्रकार के संक्रमण एवं मौसमी रोगों से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करना है।
GILOY TULSI RAS SYRUP में गिलोय, तुलसी, पपीते के पत्तों का रस तथा अन्य औषधीय जड़ी-बूटियों का मिश्रण है। इसका उपयोग बुखार, मलेरिया, डेंगू, टायफाइड, त्वचा संक्रमण, प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने, पीलिया, खांसी-जुकाम तथा डायबिटीज जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। इसके प्रमुख Ingredients की विशेषताएँ नीचे दी गई हैं।
INGREDIENTS AND IT'S BENEFITS
01 – Giloy Extract
गिलोय (Giloy) आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध रोग प्रतिरोधक औषधियों में से एक है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने तथा संक्रमणों से लड़ने में सहायक मानी जाती है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में सहायक।
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पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में लाभकारी।
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डायबिटीज नियंत्रण में सहायक।
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जोड़ों के दर्द एवं सूजन में राहत।
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बुखार एवं संक्रमण में लाभकारी।
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तनाव एवं चिंता कम करने में सहायक।
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त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी।
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श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक।
02 – Papita Extract
पपीते के पत्तों का रस (Papaya Leaf Extract) शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से डेंगू के रोगियों में प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने के लिए इसका व्यापक उपयोग किया जाता है। यह लिवर की कार्यक्षमता सुधारने तथा शरीर को प्राकृतिक शक्ति प्रदान करने में भी सहायक है।
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डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक।
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लिवर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
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शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा प्रदान करता है।
03 – पोषक तत्व
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सिर दर्द में राहत।
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बेहतर पाचन।
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जोड़ों के दर्द में राहत।
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डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक।
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इम्युनिटी मजबूत करता है।
04 – Punarnava Extract
पुनर्नवा (Punarnava) का उपयोग मूत्र संक्रमण, मूत्राशय की सूजन, किडनी की पथरी तथा अन्य मूत्र संबंधी रोगों में किया जाता है। यह लिवर विकारों, फैटी लिवर, पीलिया तथा शरीर की सूजन को कम करने में भी सहायक मानी जाती है।
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मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी।
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किडनी एवं लिवर की कार्यक्षमता सुधारती है।
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फैटी लिवर एवं पीलिया में लाभकारी।
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वजन नियंत्रण में सहायक।
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तनाव कम करने एवं ऊर्जा बनाए रखने में सहायक।
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डायबिटीज नियंत्रण में लाभकारी।
प्रयोग विधि
बच्चे :
5 से 10 ml दिन में दो बार एक गिलास गुनगुने पानी के साथ।
वयस्क :
10 से 15 ml दिन में 2–3 बार एक गिलास गुनगुने पानी के साथ
भोजन के पूर्व अथवा भोजन के बाद चिकित्सक के निर्देशानुसार लें।
Caution
गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ तथा ऐसे पुरुष या महिलाएँ जिनका पहले से किसी बीमारी का उपचार चल रहा हो, वे इस सिरप का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
नोट : "सेवन से पूर्व अपने चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।"
Pack Size : 450 ml
MRP : ₹1010/-
An Ayurvedic Proprietary Medicine
No Side Effects
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