यह एक आयुर्वेदिक टैबलेट है जिसको विभिन्न जड़ी-बूटियों के मिश्रण से और कई वर्षों के अनुसंधान से आपकी समस्या में शत प्रतिशत असरकारक साबित हो और आपको पूर्ण निदान दे इस प्रकार तैयार की गई हैं।
PAIN-RELAX (TABLET) में वात गंजांकुश रस, कुष रस, मण्डूर भस्म, लौह भस्म, आमवातारी रस, निर्गुण्डी, हड़जोड़, देवदार, अंबा हल्दी के अलावा अनेक दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ हैं जो हमारे नसों और मांसपेशियों से जुड़े विकारों (Neuromuscular Disorders) तथा पुराने दर्द और सूजन को ठीक करने में मदद करती हैं। गठिया एवं जोड़ों का दर्द, ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), रूमेटॉइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) तथा गाउट के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द, सूजन एवं अकड़न को कम करने में यह अत्यंत प्रभावी है।
INGREDIENTS AND IT'S BENEFITS:-
01 – Baat Ganjakush Ras
वात गंजांकुश रस (Vat Gajankush Ras) एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जिसका मुख्य उपयोग नसों और मांसपेशियों से जुड़े विकारों (Neuromuscular Disorders) तथा पुराने दर्द को कम करने में किया जाता है।
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गठिया एवं जोड़ों के दर्द में लाभकारी।
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Osteoarthritis एवं Rheumatoid Arthritis में उपयोगी।
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Sciatica (साइटिका) के दर्द में राहत।
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मांसपेशियों की ऐंठन एवं जकड़न (Torticollis) में सहायक।
02 – Mondoor Bhasm
मण्डूर भस्म (Mandoor Bhasma) का मुख्य उपयोग शरीर में आयरन की कमी (Anemia) को दूर करना, रक्त बढ़ाना तथा जोड़ों के दर्द में राहत देना है।
मण्डूर भस्म (जो कि लोहे के तत्व का एक आयुर्वेदिक रूप है) शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार।
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एनीमिया में लाभकारी।
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शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
03 – Loh Bhasma
लौह भस्म (Loh Bhasma) का मुख्य उपयोग शरीर को आंतरिक ताकत देना तथा वात विकारों (जैसे जोड़ों का दर्द, अर्थराइटिस) को नियंत्रित करना है। लौह भस्म आयरन का एक प्राकृतिक स्रोत है, जो शरीर को पोषण एवं ऊर्जा प्रदान करता है तथा आयरन की कमी से होने वाली कमजोरी एवं थकान को दूर करने में सहायक है।
यह रक्त की कमी (Anemia) को दूर करने, लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) एवं हीमोग्लोबिन के निर्माण में सहायता करता है, जिससे शरीर में रक्त संचार बेहतर बना रहता है।
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शरीर को आंतरिक शक्ति एवं ऊर्जा प्रदान करता है।
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आयरन की कमी एवं एनीमिया दूर करने में सहायक।
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हीमोग्लोबिन एवं लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) को बढ़ाने में मददगार।
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रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
04 – Nirgundi
निर्गुण्डी (Nirgundi) का मुख्य उपयोग प्राकृतिक रूप से दर्द, सूजन एवं जकड़न को कम करने के लिए किया जाता है। यह एक प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि है जो जोड़ों एवं मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं में अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
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Anti-inflammatory (सूजनरोधी): शरीर के किसी भी भाग में होने वाली सूजन को कम करता है, जिससे जोड़ों एवं मांसपेशियों की सूजन शांत होती है।
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Analgesic (दर्द निवारक): वात दोष को शांत कर गठिया (Arthritis), साइटिका (Sciatica), स्लिप डिस्क एवं पीठ दर्द जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है।
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Antispasmodic (ऐंठनरोधी): मांसपेशियों की ऐंठन, खिंचाव एवं अकड़न को कम करने में सहायक।
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Antioxidant: जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने एवं ऊतकों की सुरक्षा करने में सहायक।
प्रयोग विधि
वयस्क :
1 टैबलेट सुबह नाश्ता करने के बाद।
1 टैबलेट शाम को भोजन के आधा घंटे बाद।
Caution
गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली महिलाएँ एवं ऐसे पुरुष या महिलाएँ जिनका पहले से किसी बीमारी का उपचार चल रहा हो, वे इस औषधि का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
नोट : "उपयोग से पूर्व चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।"
Pack Size : 60 (Tablets)
MRP : ₹950/-
An Ayurvedic Proprietary Medicine
No Side Effects
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